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छत्तीसगढ़

एक साल में 7 गांव से 70 गांवों तक पहुंची ड्रोन दीदी चंद्रकली वर्मा, सीजन में कमा लेती हैं लगभग 1.5 लाख रुपए

रायपुर। सुबह का समय, खेतों के ऊपर हल्की धूप और आसमान में उड़ता एक ड्रोन। कुछ ही मिनटों में पूरा खेत कीटनाशक से सुरक्षित हो जाता है। खेत के किनारे खड़ी एक महिला रिमोट से ड्रोन को नियंत्रित कर रही होती है। यह कोई फिल्मी दृश्य नहीं, बल्कि रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम नगपुरा की ड्रोन दीदी चंद्रकली वर्मा की रोज़मर्रा की जिंदगी है।

नवंबर 2023 में नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़ने के बाद श्रीमती चंद्रकली आज आधुनिक तकनीक के सहारे 40 किलोमीटर के दायरे में 70 गांवों के किसानों की मदद कर रही हैं और हर सीजन में लगभग डेढ़ लाख रुपए तक अर्जित कर रही हैं।

नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद चंद्रकली ने दिसंबर 2023 में ड्रोन संचालन की शुरुआत की थी। शुरुआत में उन्होंने अपने गांव और आसपास के कुछ खेतों में ही काम किया, लेकिन उनकी मेहनत और दक्षता की चर्चा जल्द ही आसपास के गांवों तक फैल गई। किसानों ने देखा कि जहां पहले घंटों लगते थे, वहीं ड्रोन से सिर्फ 10 मिनट में एक एकड़ खेत में कीटनाशक का छिड़काव हो जाता है। इससे समय की बचत होती है, श्रम कम लगता है और दवा का उपयोग भी सटीक मात्रा में होता है।

धीरे-धीरे काम इतना बढ़ गया कि आज चंद्रकली दीदी करीब 40 किलोमीटर के क्षेत्र में 70 गांवों में अपनी सेवा दे रही हैं। खरीफ और रबी सीजन के दौरान किसानों की मांग को देखते हुए उन्हें दो शिफ्ट में काम करना पड़ता है। एक खेत से दूसरे खेत तक उनका ड्रोन लगातार उड़ान भरता रहता है।

ड्रोन से छिड़काव के लिए उन्हें प्रति एकड़ लगभग 300 रुपए मिलते हैं। बढ़ते काम और बड़े क्षेत्र में सेवाएं देने के कारण अब वो आसानी से सीजन में डेढ़ लाख रुपये तक कमा रही हैं। बढ़ते काम को व्यवस्थित ढंग से संभालने के लिए उन्होंने अपने साथ तीन लोगों को रोजगार भी दिया है, जो ड्रोन संचालन, दवा की तैयारी और खेतों में समन्वय का काम संभालते हैं।

घर की जिम्मेदारियों के साथ तकनीक को अपनाने की उनकी कहानी भी उतनी ही प्रेरक है। सुबह घर के कामकाज और बच्चों की देखभाल करने के बाद वे खेतों की ओर निकल पड़ती हैं। हाथ में ड्रोन का रिमोट होता है और कुछ ही क्षणों में ड्रोन आसमान में उड़ान भरकर खेतों में छिड़काव शुरू कर देता है।

तकनीक के महत्व को समझते हुए चंद्रकली ने अपनी बेटी को भी इसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। उनकी बेटी आईटी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है, जिससे वे बेहद गर्व महसूस करती हैं। ड्रोन ने उनकी जिंदगी बदल दी है, इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है बल्कि किसानों को भी आधुनिक और सुरक्षित खेती का लाभ मिल रहा है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अन्य महिलाओं से भी अपील करती हैं कि वे नई तकनीक को अपनाकर आत्मनिर्भर बनें।

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