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छत्तीसगढ़

अफीम की अवैध खेती पर पुलिस का शिकंजा, ड्रोन से हो रही बाड़ियों और फार्म हाउसों की निगरानी

बेमेतरा। दुर्ग और बालमरामपुर जिले में जिले में अफीम की खेती के मामलों के सामने आने के बाद पुलिस ने अवैध गतिविधियों और मादक पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए तकनीकी मदद से विशेष चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान का निर्देशन पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू कर रहे हैं। जिले के ग्रामीण और एकांत क्षेत्रों में स्थित बाड़ियों और फार्म हाउसों की सघन जांच के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण इलाकों और फार्म हाउसों का उपयोग अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन या भंडारण के लिए न हो। दुर्गम और बड़े क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तत्काल पता लगाया जा सके।

अभियान को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव, डीएसपी राजेश कुमार झा, एसडीओपी बेरला विनय कुमार, एसडीओपी बेमेतरा भुषण एक्का, डीएसपी कौशिल्या साहू और डीएसपी शशीकला उईके के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

इस कार्रवाई में घुमंतु लोगों, ठेले और गुमटी लगाने वालों, फेरी लगाकर कपड़ा बेचने वालों, ईंट भट्ठों में काम करने वाले ठेकेदारों और मजदूरों की जानकारी इकट्ठा कर उनका सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही फैक्ट्रियों, बाड़ियों और फार्म हाउसों में कार्यरत मजदूरों तथा किराये के मकानों में रहने वाले लोगों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अभियान के दौरान कहीं भी अवैध गतिविधि या मादक पदार्थों से संबंधित कोई जानकारी सामने आती है, तो तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी रामकृष्ण साहू ने कहा कि जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की है।

यह कार्रवाई दुर्ग और बेमेतरा जिलों में सुरक्षा और निगरानी को बढ़ाने के साथ-साथ अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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