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छत्तीसगढ़

ACB की बड़ी कार्रवाई : 10 हजार रिश्वत लेते BEO रंगे हाथों गिरफ्तार, सहयोगी संकुल समन्वयक भी पकड़ाया

सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की लगातार कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में आज एसीबी बिलासपुर की टीम ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के शिक्षा विभाग में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए एक खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, बरमकेला खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र जांगड़े को एक शिक्षक से 10,000 रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। इस कार्रवाई में उनके सहयोगी संकुल समन्वयक संजय चौहान को भी गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि मार्च माह का रुका हुआ वेतन जारी करने के एवज में दो शिक्षकों से 5-5 हजार रुपये, कुल 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।

डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि पूर्व माध्यमिक शाला झीकीपाली, थाना बरमकेला के शिक्षक निरंजन बरिहा द्वारा एसीबी इकाई बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई गई थी। उन्होंने बताया कि वे पूर्व माध्यमिक शाला झीकीपाली में शिक्षक हैं। मार्च माह में स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे अपने साथी शिक्षक मुकेश सोना, जो झीकीपाली प्राथमिक शाला में पदस्थ हैं, के साथ इलाज के लिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज गए थे। डॉक्टर के नहीं मिलने के कारण वे दोनों वापस स्कूल लौट आए, लेकिन करीब आधा घंटा देर होने से उनकी गैरहाजिरी दर्ज कर ली गई। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी बरमकेला नरेंद्र जांगड़े द्वारा उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया, जिसका जवाब दोनों शिक्षकों ने दे दिया था।

इसके बावजूद खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा उनका मार्च माह का वेतन रोक दिया गया। जब दोनों शिक्षक वेतन जारी कराने के लिए नरेंद्र जांगड़े से मिलने गए, तो उनसे 5-5 हजार रुपए, कुल 10,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। जिसके बाद शिकायत का सत्यापन कराने पर मामला सही पाया गया। सत्यापन के दौरान यह भी सामने आया कि संकुल समन्वयक झीकीपाली संजय चौहान दोनों शिक्षकों से रिश्वत राशि दिलाने में सहयोग कर रहे थे। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई।

इसके बाद आज शिकायतकर्ता निरंजन बरिहा को बरमकेला स्थित कार्यालय में खंड शिक्षा अधिकारी को रिश्वत देने भेजा गया। जैसे ही आरोपी नरेंद्र जांगड़े ने रिश्वत की राशि लेकर उसे टेबल की दराज में रखा, पहले से तैनात एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी से 10,000 रुपये की रिश्वत राशि बरामद कर ली गई है। साथ ही उनके सहयोगी संकुल समन्वयक संजय चौहान को भी अभिरक्षा में लिया गया है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

एसीबी की कार्रवाई की सराहना

मिली जानकारी के अनुसार शिक्षक समुदाय में बीईओ की वसूली को लेकर आक्रोश चरम पर था और समय-समय पर उसके खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। बरमकेला ब्लॉक के शिक्षक संघ के अध्यक्ष देवम प्रकाश पटेल सहित अन्य शिक्षकों ने एसीबी की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे बड़ी राहत देने वाली कार्रवाई बताया।

एसीबी की अपील

एसीबी ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी विभाग के लोकसेवक द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने पर तत्काल सूचना दें।

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