राज्यपाल रमेन डेका ने ली रायपुर जिले में विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर जिले की विकासखण्ड स्तरीय समीक्षा बैठक ली। राज्यपाल ने कहा कि सभी अधिकारी जनता से मिलें और उनके बीच जाएं तथा हितग्राहियों से मुलाकात करें एवं उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर योजनाओं का फीडबैक लें। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत जानने का सबसे बेहतर तरीका लोगों से लगातार संवाद है। राज्यपाल ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट ग्रीन पालना और प्रोजेक्ट रचना की सराहना की। श्री डेका ने योजनाओं में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
राज्यपाल श्री डेका ने कलेक्टरेट परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण किया।

राज्यपाल को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा चलाए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। श्री डेका ने जिले के विभिन्न विकासखण्डों में हो रहे डबरी निर्माण की भी सराहना करते हुए कहा कि हमें बड़े किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहिए इससे रायपुर के जलस्तर में सुधार आएगा और भविष्य में होने वाले संभावित पेयजल की समस्या का सामना करने में सहयोग मिलेगा।
उन्होंने अन्य राज्यों के सफल मॉडलों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को व्यवहारिक और प्रभावी उपाय अपनाने की सलाह दी। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में धान की खेती अधिक होती है, जो पानी की खपत बढ़ाती है। इसलिए बड़े किसानों को अन्य फसलों की ओर भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि रायपुर तेजी से विकसित हो रहा है और आने वाले वर्षों में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन जाएगा। उन्होंने जल जागरूकता, संसाधनों के संरक्षण और उनके सही उपयोग पर विशेष जोर दिया। साथ ही निर्देश दिए कि प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर जल स्रोतों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए, ताकि उसी आधार पर बेहतर योजना और रणनीति बनाई जा सके।
श्री डेका ने कहा कि हमें ग्राम पंचायत स्तर पर छोटी-छोटी डबरी बनानी चाहिए। इस कार्य में समुदाय की भागीदारी अवश्य सुनिश्चित करें और जनप्रतिनिधियों को भी ऐसे कार्यों के लिए शामिल करें। सभी शासकीय कार्यालयों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग करें और अन्य लोगों को भी प्रोत्साहित करें। उन्होंने जल जागरूकता, संसाधनों के संरक्षण और उनके सही उपयोग पर विशेष जोर दिया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले एक वर्ष से मिशन मोड के तहत कुओं के निर्माण का कार्य तेजी से किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत घरों में अब रेन वाटर हार्वेस्टिंग को शामिल किया जा रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि वृक्षारोपण को अधिक से अधिक बढ़ावा दें। एम्स, डॉ. भीमराव अंबेडकर हॉस्पिटल एवं स्कूलों में वृक्षारोपण करें। सड़कों के किनारे भी वृक्षारोपण किया जा सकता है इससे प्रदूषण की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। उन्होंनेे कहा कि विकास की निशानी अधिक से अधिक पेड़ लगाना और हरियाली है।
प्रोजेक्ट हर घर मुनगा की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा दें, नेचुरल फार्मिंग में वैल्यू एडिशन जरूरी है। हमें विशेष रूप से हाइड्रोपोनिक्स को बढ़ावा देना चाहिए। आने वाला समय में इसकी अच्छी संभावना है। उन्होंने नर्सरी हाइड्रोपोनिक्स विकसित करने का सुझाव दिया।
“ग्रीन पालना” परियोजना की चर्चा के दौरान राज्यपाल ने जानकरी ली कि नवप्रसूता महिलाओं को दिए गए पौधों की निगरानी कैसे होती है कि वे जीवित हैं या नहीं। इस पर कलेक्टर ने बताया कि एआई आधारित प्रणाली के तहत मितानिन घर-घर जाकर पौधों की फोटो लेकर उनका फॉलोअप करती हैं। राज्यपाल ने कहा कि पेड़ लगाना हम सभी की जिम्मेदारी है और हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। राज्यपाल ने योग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आम जनता से कहा कि योग की कक्षाओं तक ही सीमित न रहें बल्कि योग सीखने के बाद नियमित रूप से घर में भी इसका अभ्यास करें।
यातायात व्यवस्था पर राज्यपाल ने कहा कि जिले में भारी वाहनों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। रैश ड्राइविंग और हेलमेट के मामले में पहले जागरूकता बढ़ाने और फिर आवश्यक होने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि अभी से सख्ती और जागरूकता के जरिए इसे रोकना जरूरी है।
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, डीएफओ लोकनाथ पटेल, रायपुर ग्रामीण एसपी मनीषा ठाकुर, राज्यपाल की उपसचिव निधि साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
