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छत्तीसगढ़

दिव्यांग ऋण योजना से बदली जिंदगी, गिरजा जलक्षत्री बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

'द टी-एक्सप्रेस’ से नई पहचान, 10 दिव्यांगों को मिला रोजगार

रायपुर। कहते हैं, दृढ़ संकल्प और मेहनत के सामने कोई बाधा बड़ी नहीं होती। शांती नगर की निवासी गिरजा जलक्षत्री ने इस बात को सच साबित किया है। छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की ऋण योजना से मिली सहायता ने उनके जीवन को नई दिशा दी। योजना से मिली राशि से न केवल उन्होंने व्यवसाय शुरू किया बल्कि उनके जैसे और  दिव्यांगजनों को रोजगार देकर समाज में प्रेरणा का स्रोत भी बनी हैं।

जलक्षत्री 60 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग हैं। उन्हें समाज कल्याण विभाग की योजना ‘‘छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम‘‘ के तहत इलेक्ट्रीकल एण्ड इलेक्ट्रानिक शॉप हेतु 06 जनवरी 2017 में 01 लाख 75 हजार रूपए ऋण स्वीकृत हुआ। जिसकी पूरी किश्त नियमित रूप से जलक्षत्री द्वारा चुका दी गई तथा नियमानुसार कुल ब्याज राशि पर उन्हें 25 प्रतिशत सब्सिडी भी प्राप्त हुई।

योजना से मिले सहयोग से आगे बढ़ते हुए उन्हें पुनः 2 लाख 75 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ और उन्होंने “द टी-एक्सप्रेस” के नाम से कोर्ट परिसर रायपुर में चाय एवं स्वल्पाहार केंद्र की शुरुआत की। उनके इस व्यवसाय से 10 दिव्यांगजनों को आश्रय और रोजगार मिला है, जिससे वे और उनके परिवार आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

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