Home
🔍
Search
Add
E-Magazine
छत्तीसगढ़

वन विभाग की सतर्कता से टला बड़ा खतरा: तेंदुए ने रिहायशी इलाके में मचा रखा था आतंक, अब पिंजरे में हुआ कैद

रायपुर। गरियाबंद जिले के केरावाहारा गांव में पिछले एक महीने से ग्रामीणों में दहशत का कारण बना तेंदुआ शनिवार सुबह वन विभाग की टीम ने सुरक्षित पकड़ लिया। तेंदुए की लगातार रिहायशी इलाके में मौजूदगी और पालतू मवेशियों पर हमलों की घटनाओं को देखते हुए विभाग ने विशेष निगरानी और रेस्क्यू अभियान चलाया था, जो सफल रहा।

वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर गरियाबंद वनमंडल के वन परिक्षेत्र गरियाबंद अंतर्गत ग्राम केरावाहारा (ग्राम पंचायत जोवा) में केज ट्रैप लगाए गए थे। वनमंडलाधिकारी ससिगानंदन के. ने बताया कि तेंदुए की गतिविधियां विद्यालय परिसर और आबादी के आसपास भी देखी गई थीं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ गई थी।

रेस्क्यू अभियान वनमंडलाधिकारी ससिगानंदन के., उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक वरुण जैन तथा वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश वर्मा के निर्देशन में चलाया गया। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित लेपर्ड रेस्क्यू टीम को आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात किया गया था। अभियान के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त की गई थी।

वन विभाग की रणनीति सफल रही और तेंदुआ बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पिंजरे में कैद हो गया। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसके स्वास्थ्य और व्यवहार की निगरानी शुरू कर दी। साथ ही, मौके पर भीड़ न जुटे इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था भी की गई।

वन विभाग के अनुसार, तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहा है। उसकी शारीरिक स्थिति, किसी संभावित चोट या बीमारी तथा प्राकृतिक आवास में छोड़ने की उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और तेंदुए या अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों की जानकारी तुरंत नजदीकी वन अमले को दें। विभाग ने कहा कि मानव जीवन और वन्यजीवों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *