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छत्तीसगढ़

रायगढ़ में केलो तट का बदलेगा स्वरूप, ऑक्सीजोन, घाट और वॉकिंग पाथ की मिलेगी सुविधा

रायगढ़। सेवा संकल्प अभियान के तहत रायगढ़ के खर्राघाट में केलो नदी तट के विकास के लिए 29.99 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों के साथ स्वच्छता अभियान में श्रमदान किया। इस दौरान उन्होंने केलो नदी में डुबकी लगाकर नदी को नमन भी किया।

परियोजना के तहत शनि मंदिर से खर्राघाट तक करीब 2 किलोमीटर क्षेत्र का कायाकल्प किया जाएगा। वहीं, खर्राघाट में लगभग 8.50 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सीजोन विकसित किया जाएगा। यहां सघन पौधरोपण के साथ पाथवे, घाट, पार्किंग, व्यायाम और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

घाट, पाथवे और सड़क का होगा विकास

परियोजना के अंतर्गत शनि मंदिर से खर्राघाट पुल तक सड़क का सुदृढ़ीकरण और उन्नयन किया जाएगा। सड़क के साथ नाली निर्माण, पैदल पथ और नदी तट का सौंदर्यीकरण होगा। पचरी घाट का नवीनीकरण किया जाएगा तथा उसे पाथवे से जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग बनाया जाएगा। शनि मंदिर के पास तिराहे का चौड़ीकरण कर यातायात व्यवस्था में भी सुधार किया जाएगा।

ऑक्सीजोन और घाट के बीच सुरक्षित आवागमन के लिए मौजूदा पुल के नीचे अंडरपास यानी बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण भी प्रस्तावित है। क्षेत्र में मॉर्निंग और नाइट वॉक के साथ स्वास्थ्य एवं मनोरंजन से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि खर्राघाट का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे नागरिकों के लिए हरियाली, स्वास्थ्य और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं वाले सुव्यवस्थित सार्वजनिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केलो नदी रायगढ़ की पहचान, आस्था और संस्कृति से जुड़ी है, इसलिए नदी और उसके तटों का स्वच्छ एवं व्यवस्थित विकास जरूरी है।

उन्होंने बताया कि खर्राघाट से शनि मंदिर की दिशा में मरीन ड्राइव विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। साथ ही रायगढ़ में अगले पांच वर्षों में 10 से अधिक ऑक्सीजोन विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

दो साल में पूरा होगा 29.99 करोड़ का प्रोजेक्ट

परियोजना के लिए सीएसआर मद से 29.99 करोड़ रुपये की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति दी गई है। कार्य की अनुबंधित राशि 26.39 करोड़ रुपये है। कार्यादेश 24 जून 2026 को जारी किया गया था और परियोजना को दो वर्ष में पूरा किया जाना है। वित्त मंत्री ने इसे निर्धारित समय से पहले पूरा करने का प्रयास करने की बात कही।

इस दौरान लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह और नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान ने भी परियोजना और केलो नदी तट के विकास को लेकर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में ‘लोकल फॉर वोकल’ प्रदर्शनी भी लगाई गई। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर स्थानीय उत्पादों और गतिविधियों की जानकारी ली।

इस अवसर पर सभापति डिग्रीलाल साहू, सुभाष पाण्डेय, मनीष कंकरवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

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