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छत्तीसगढ़ के 12 जिलों की कमान महिला कलेक्टर (IAS) संभाल रहीं, नारी शक्ति पर साय सरकार का भरोसा!

ऐसे महत्वपूर्ण पदों पर बड़ी संख्या में महिला आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति महिला नेतृत्व के प्रति सरकार के विश्वास को दर्शाती है.

डेस्क रिपोर्टर, रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला नेतृत्व अब प्रशासनिक व्यवस्था में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के ताज़ा प्रशासनिक फेरबदल के बाद प्रदेश के 33 में से 12 जिलों की कमान महिला आईएएस अधिकारियों के हाथों में है। राज्य गठन के बाद यह पहली बार है, जब एक-तिहाई से अधिक जिलों में महिला अधिकारी कलेक्टर के रूप में जिले का प्रशासनिक नेतृत्व कर रही हैं।

12 जिलों में महिला अफसरों का परचम

वर्तमान में प्रदेश के 12 जिलों में महिला आईएएस अधिकारी कलेक्टर के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं—

  • कोंडागांव — नूपुर राशि पन्ना
  • बेमेतरा — प्रतिष्ठा ममगाईं
  • नारायणपुर — नम्रता जैन
  • सूरजपुर — रेना जमील
  • बालोद — दिव्या मिश्रा
  • सक्ती — जयश्री जैन
  • कबीरधाम — तुलिका प्रजापति
  • सारंगढ़-बिलाईगढ़ — पद्मिनी भोई
  • मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी — तनूजा सलाम
  • बलरामपुर-रामानुजगंज — चंदन त्रिपाठी
  • मनेंद्रगढ़-चिर्मिरी-भरतपुर — संतन देवी जांगड़े
  • कोरिया — रोक्तिमा यादव

प्रशासनिक नेतृत्व में मजबूत होती नारी शक्ति

कलेक्टर जिले में शासन की योजनाओं और नीतियों को जमीन पर लागू करने वाली प्रमुख प्रशासनिक कड़ी होती हैं. विकास कार्यों की निगरानी, जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, राजस्व तथा कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कलेक्टर की भूमिका निर्णायक होती है.

ऐसे महत्वपूर्ण पदों पर बड़ी संख्या में महिला आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति महिला नेतृत्व के प्रति सरकार के विश्वास को दर्शाती है.

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें निर्णय लेने और नेतृत्व करने के अवसर भी उपलब्ध करा रही है. जिला प्रशासन में महिला अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलना इसी सोच का प्रशासनिक स्वरूप है.

महिलाओं पर साय सरकार का भरोसा

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें नेतृत्व और निर्णय लेने के अवसर देने पर भी जोर दे रही है। प्रशासन के महत्वपूर्ण पदों पर महिला अधिकारियों को जिम्मेदारी मिलना इसी विश्वास का एक मजबूत उदाहरण है।

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