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छत्तीसगढ़

प्रोजेक्ट अजा से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं, पशुपालन से बढ़ रहा रोजगार

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित “प्रोजेक्ट अजा” के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस योजना के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

आरंग विकासखंड के ग्राम कठिया निवासी नागेश्वरी वर्मा इसकी एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें बिहान समूह के माध्यम से प्रोजेक्ट अजा की जानकारी मिली, जिसके बाद 15 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने बकरी पालन का व्यवसाय शुरू किया। जिला प्रशासन एवं बिहान द्वारा उन्हें 10 बकरियां एवं 2 बकरे उपलब्ध कराए गए, जिससे वे वर्तमान में प्रतिवर्ष एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं।

श्रीमती वर्मा बकरी पालन के साथ-साथ मुर्गी पालन का कार्य भी कर रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 30 से 40 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ प्राप्त हो रहा है। इसके अलावा बकरी से प्राप्त गोबर खाद (गोट मैन्योर) से भी उन्हें 8 से 10 हजार रुपये की आय हो जाती है। उन्होंने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।

प्रोजेक्ट अजा जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत पशु सखी कैडर का गठन किया गया है, जिनके माध्यम से ग्रामीण पशुपालकों को पशु प्रबंधन, टीकाकरण, नस्ल सुधार एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की जा रही है। प्रशिक्षित महिला पैरावेट दल द्वारा आधुनिक तकनीकों के उपयोग से बकरी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे जिले में पशुपालन के क्षेत्र में महिलाओं के लिए नए रोजगार के अवसर विकसित हो रहे हैं।

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