
डेस्क रिपोर्टर / रायपुर एसडीएम नंदकुमार चौबे ने 35वीं बार रक्तदान कर मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। 19 वर्ष की उम्र से शुरू हुई उनकी यह सेवा यात्रा आज भी जारी है और वे हर वर्ष दो से तीन बार नियमित रूप से रक्तदान करते हैं।
विशेष बात यह है कि श्री चौबे निर्धारित तिथि पर स्वयं ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान करते हैं। उनका कहना है कि रक्तदान से न केवल किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिलता है, बल्कि इससे आत्मसंतोष और खुशी का भी अनुभव होता है।
लगातार 35वीं बार रक्तदान कर उन्होंने यह संदेश दिया है कि एक यूनिट रक्त कई जिंदगियों के लिए उम्मीद बन सकता है। उनकी यह पहल समाज के लिए प्रेरणा है और युवाओं को नियमित रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करती है।
