मुरिया दरबार के राजनीतिकरण के आरोप पर मुख्यमंत्री साय का पलटवार, कहा- कांग्रेसी बताएं जनजाति समाज के लिए क्या किया?

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय समाज को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक के रूप में देखा। यही वजह है कि जनजातीय समाज ने कांग्रेस से दूरी बना ली। उन्होंने सवाल किया कि देश में 55 से 60 वर्षों तक शासन करने वाली कांग्रेस बताए कि उसने जनजातीय समाज के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने के लिए क्या किया?
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होने पहुंचीं राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान प्रशासनिक तैयारियों को कांग्रेस द्वारा ‘प्रशासनिक दखलंदाजी’ बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए ये बातें कहीं। वे मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के सम्मान, अधिकार और सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जनजातीय समाज के कल्याण और विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी है। जनजातीय कार्य मंत्रालय के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, आजीविका, विकास और सशक्तीकरण के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ में विभिन्न विकास प्राधिकरणों और योजनाओं के जरिए जनजातीय अंचलों की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को गति दी जा रही है।
बस्तर में बदलाव को बताया विकास का उदाहरण
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र में हो रहे बदलाव का बड़ा उदाहरण है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों के साथ सुरक्षा बलों के साहस और पराक्रम से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। जिन इलाकों में कभी भय और हिंसा का माहौल था, वहां अब सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के नए अवसर पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और बस्तर शांति एवं विश्वास के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि आरोप लगाने से पहले उसे अपने लंबे शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। आज जनजातीय समाज जागरूक है और वह समझ रहा है कि किसने उसके नाम पर राजनीति की और किसने उसके सम्मान, सुरक्षा एवं विकास के लिए जमीनी स्तर पर काम किया है।
