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छत्तीसगढ़

स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाकर बढ़ेगी आय :- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह

रायपुर। भारत सरकार की डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट हब पहल के तहत जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, रायपुर द्वारा जिला निर्यात संवर्धन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर गौरव सिंह ने की तथा सह-अध्यक्षता संयुक्त महानिदेशक विदेश व्यापार, नागपुर डॉ. प्रवीण कुमार ने की।

बैठक में रायपुर जिले से निर्यात बढ़ाने, नए निर्यातकों को प्रोत्साहित करने तथा निर्यात क्षमता का अधिकतम उपयोग करने पर व्यापक चर्चा हुई। बताया गया कि डीजीएफटी के अंतर्गत रायपुर जिले में 2,800 से अधिक निर्यातक पंजीकृत हैं, जिनमें लगभग 1,200 निर्यातक वर्तमान में सक्रिय हैं। समिति ने आगामी वर्षों में सक्रिय निर्यातकों की संख्या बढ़ाने और एमएसएमई इकाइयों, एफपीओ तथा कृषि आधारित उद्यमों को निर्यात से जोड़ने की रणनीति पर विचार किया।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि रायपुर जिले में निर्यात वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं। स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाकर किसानों, उद्यमियों एवं उद्योगों की आय में वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने सभी विभागों से निर्यातकों को बेहतर सुविधाएं देने और नए निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।

बैठक में जानकारी दी गई कि रायपुर जिला छत्तीसगढ़ का प्रमुख निर्यात केंद्र है। यहां से मुख्य रूप से चावल, इस्पात एवं इस्पात उत्पाद, कृषि एवं कृषि प्रसंस्कृत उत्पाद, वन उत्पाद तथा अन्य औद्योगिक उत्पादों का निर्यात विभिन्न देशों को किया जाता है।

इस दौरान निर्यातकों ने लॉजिस्टिक्स, दस्तावेजीकरण, गुणवत्ता प्रमाणीकरण एवं बाजार पहुंच से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों पर चर्चा की। डॉ. प्रवीण कुमार ने आश्वासन दिया कि निर्यातकों के सुझावों को संबंधित मंत्रालयों के समक्ष रखकर नीतिगत सरलीकरण की पहल की जाएगी।

बैठक में उद्योग संचालनालय, एमएसएमई मंत्रालय, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, एपीडा, नाबार्ड, ईसीजीसी, इंडिया एक्जिम बैंक, सीमा शुल्क विभाग, लीड बैंक, भारतीय डाक विभाग, राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन, पीएचडी चैंबर एवं छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी विभागों ने निर्यात संवर्धन योजनाओं, वित्तीय सहायता एवं विपणन सहायता की जानकारी साझा की।

समिति ने निर्यातकों के लिए उपलब्ध योजनाओं का प्रभावी अभिसरण सुनिश्चित करने तथा नियमित समन्वय तंत्र विकसित करने पर सहमति दी। अंत में सभी हितधारकों ने रायपुर को देश के अग्रणी निर्यात जिलों में शामिल करने का संकल्प लिया।

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