छत्तीसगढ़ में राज्य प्रशासनिक अधिकरण के गठन की मांग तेज, मंत्रालयीन संघ ने मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन

रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन संघ ने राज्य के लाखों शासकीय कर्मचारियों के हित में राज्य प्रशासनिक अधिकरण के गठन की मांग को लेकर मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने ज्ञापन में कहा कि वर्तमान में सेवा संबंधी विवादों, पदोन्नति, वेतन निर्धारण, स्थानांतरण, अनुशासनात्मक कार्यवाही और अन्य प्रशासनिक मामलों के निराकरण के लिए कर्मचारियों को सीधे उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ती है। इससे न्याय मिलने में वर्षों का समय लग जाता है और कर्मचारियों पर आर्थिक तथा मानसिक भार बढ़ जाता है।
संघ ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा स्थापित केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) ने देशभर में लाखों सेवा संबंधी प्रकरणों का सफल और त्वरित निराकरण किया है। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में राज्य प्रशासनिक अधिकरण की स्थापना होने से कर्मचारियों को उनके गृह राज्य में ही सुलभ, सस्ता और समयबद्ध न्याय मिल सकेगा।
मंत्रालयीन संघ के अनुसार राज्य प्रशासनिक अधिकरण के गठन से सेवा संबंधी मामलों का विशेषज्ञ स्तर पर शीघ्र निराकरण होगा। इससे एक ओर उच्च न्यायालयों पर बढ़ रहे प्रकरणों का दबाव कम होगा, वहीं दूसरी ओर शासन के वित्तीय संसाधनों की बचत, प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि और कर्मचारियों के मनोबल को मजबूती मिलेगी।
संघ ने मुख्य सचिव से आग्रह किया है कि कर्मचारियों के व्यापक हित, न्याय की सुगमता और सुशासन की भावना को ध्यान में रखते हुए राज्य प्रशासनिक अधिकरण के गठन हेतु आवश्यक वैधानिक एवं प्रशासनिक कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ की जाए। संघ ने इसे छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।
छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन संघ ने विश्वास व्यक्त किया है कि राज्य शासन कर्मचारियों की इस लंबे समय से लंबित और न्यायोचित मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए राज्य प्रशासनिक अधिकरण के गठन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करेगा।
इस अवसर पर अध्यक्ष चन्द्रकांत पाण्डेय, उपाध्यक्ष अजीश मिरे, सचिव उमेश सिंह, संयुक्त सचिव महेश बड़ा, कोषाध्यक्ष छविराम साहू, सदस्य कुन्दन लाल साहू, सदस्य दिव्यानी साहू सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
