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छत्तीसगढ़

EOW-ACB ने बैंक घोटाले में चालान पेश किया, ढाई करोड़ गबन की जांच जारी

रायपुर। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एन्टी करप्शन ब्यूरो ने एसबीआई के मुख्य शाखा प्रबंधक विजय कुमार अहके के विरूद्ध विशेष न्यायालय में चालान पेश कर दिया है। ब्यूरो ने अहके की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच में बैंक का ‘रखवाला’ को ही ‘लुटेरा’ बताया है। ब्यूरो ने रायपुर द्वारा भारतीय स्टेट बैंक, स्पेशलाइज्ड करेंसी एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच (SCAB), बैरन बाजार, रायपुर में हुए गबन पर धारा 316(5), 318(4), 338, 336 (6), 340 (2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित 2018) की धारा 13 (1) (ए) सहपठित धारा 13(2) के अंतर्गत विशेष न्यायालय, रायपुर में 1,290 पेज का अभियोग पत्र मय दस्तावेज प्रस्तुत किया है।। आरोपी केन्द्रीय जेल, रायपुर में निरुद्ध हैं।

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी विजय कुमार अहके ने मुख्य शाखा प्रबंधक के पद पर रहते हुए अपने पदीय अधिकार का दुरुपयोग करते हुए 28 अगस्त 24 से 11 जून 25 के मध्य कम्प्यूटर के माध्यम से कूटरचित Queue (वाउचर) तैयार कर SCAB शाखा के ब्रांच जनरल लेजर (BGL) खाते से शासकीय लोक धन का गबन किया। अहके ने वैच मोड प्रक्रिया का उपयोग कर प्रत्येक लेनदेन की राशि 5,00,000 रुपये (पाँच लाख रुपये) से कम रखी, ताकि बैंक के हाई वैल्यू ट्रांसफर अलर्ट सिस्टम से बचा जा सके। साथ ही 30 दिन के भीतर BGL खाते की पुरानी प्रविष्टियों को रोलओवर कर नई प्रविष्टि में परिवर्तित किया जाता था, जिससे नियंत्रक अधिकारी को वास्तविक वित्तीय स्थिति की जानकारी न हो सके।

विजय ने गबन की समस्त राशि कुल 75 लेनदेन के माध्यम से अपनी धर्मपत्नी के बैंक खाते में स्थानांतरित की, जिसमें आरोपी ने अपना मोबाईल नंबर लिंक कर रखा था, जिससे समस्त OTP स्वयं आरोपी को प्राप्त होते थे। तत्पश्चात् उक्त राशि को नेट बैंकिंग के माध्यम से आरोपी के व्यक्तिगत बैंक खाते में स्थानांतरित कर डेल्टा एक्सचेंज, क्रिप्टो करेंसी एवं कमोडिटी व ऑप्शन ट्रेडिंग में निवेश किया। इस प्रकार SCAB बैरन बाजार, रायपुर को कुल दो करोड़ अठहत्तर लाख पच्चीस हजार चार सौ इक्यानवे रुपये छियानवे पैसे की आर्थिक क्षति हुई ।

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