आवास बना वरदान: मजदूर राजेश यादव के चेहरे पर लौटी खुशियाँ, पक्के मकान से बदली जिंदगी

रायपुर। घर से 30 किमी दूर रायपुर शहर में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले राजेश यादव के लिए खुद का पक्का मकान कभी एक सपना था। दिनभर की मजदूरी से केवल दो वक्त की रोटी और तन ढकने लायक कपड़ों का ही इंतजाम हो पाता था।
इसी बीच एक दिन ग्राम पंचायत से राजेश यादव को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत पक्का आवास मिलने की जानकारी मिली। कुछ दिनों बाद उनकी धर्मपत्नी बरतनीन यादव को आवास स्वीकृति का पत्र प्राप्त हुआ। पत्र देखकर राजेश की दिनभर की थकान गायब हो गई और बच्चों की आंखों में नए पक्के घर का सपना साफ दिखने लगा।
राजेश को अपना टूटा-फूटा कच्चा मकान तोड़कर नया आवास बनाना था। निर्माण के दौरान रहने की समस्या पर गांव के सरपंच, सचिव एवं ग्रामीणों ने सहयोग किया और सामुदायिक भवन में अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था कर दी।
कुछ महीनों की मेहनत के बाद पक्का आवास बनकर तैयार हो गया। आवास के साथ शौचालय भी मिला, जिससे धर्मपत्नी बरतनीन यादव और बच्चे बेहद खुश हैं। उज्ज्वला योजना के तहत गैस चूल्हा मिलने से अब परिवार का खाना भी जल्दी तैयार हो जाता है।
हितग्राही राजेश यादव व बरतनीन यादव का कहना है कि शासन की कल्याणकारी योजना उनके जीवन के लिए वरदान साबित हुई है। इस योजना ने न केवल उनके बल्कि हजारों परिवारों की जीवनशैली की दिशा और दशा बदल दी है।
