Home
🔍
Search
Add
E-Magazine
छत्तीसगढ़

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे, रायपुर में ‘पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव’ का आयोजन

रायपुर। हिन्दी पत्राकारिता की 200 वर्षों की यात्रा पूरी होने पर रायपुर प्रेस क्लब ने शनिवार को पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव मनाया. श्रीराम मंदिर के सुंदर सदन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. दो सत्रों में कार्यक्रम समपन्न हुआ, जिसमें वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली यात्रा, उसके योगदान और आगामी चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए. इस कार्यक्रम में पत्रकारिता, साहित्य और समाज से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की.

पत्रकारिता ने ही देश में आजादी की जगाई थी अलख : CM साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि साल 1836 में देश के पहले हिंदी समाचार पत्र उदंत मार्तंड की शुरुआत कोलकाता से हुई थी, जिसने देश में पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी. मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को लोकतंत्र का सच्चा सेनानी बताते हुए कहा कि पत्रकारिता ने ही देश में आजादी की अलख जगाई थी. असल मायनों में पत्रकारिता ही देश का चौथा स्तंभ है. वहीं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया और कहा कि उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से देश में राष्ट्रप्रेम की अलख जगाई थी.

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, माधवराव सप्रे और सुभाषचंद्र बोस सहित अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने पत्रकारिता को सामाजिक जागरण और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम के रूप में उपयोग किया. उन्होंने कहा कि जब भी भारतीय पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास लिखा जाएगा, तब छत्तीसगढ़ का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा.

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, माधवराव सप्रे और सुभाषचंद्र बोस सहित अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने पत्रकारिता को सामाजिक जागरण और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम के रूप में उपयोग किया. उन्होंने कहा कि जब भी भारतीय पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास लिखा जाएगा, तब छत्तीसगढ़ का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा.

उन्होंने मां भारती के सपूत माधवराव सप्रे का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ से छत्तीसगढ़ मित्र का संपादन कर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों को जागृत और संगठित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने मोदी की गारंटियों को धरातल पर उतारने का कार्य किया है और प्रदेश की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है.

मुख्यमंत्री ने की रायपुर प्रेस क्लब के लिए 1 करोड़ रुपए की घोषणा

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के विशेष रूप से मीडिया की भूमिका की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि जब हमारे मीडिया के साथी बस्तर की कहानी लिखते हैं, तो उसकी चर्चा देश और दुनिया भर में होती है. उन्होंने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि राज्य से नक्सलवाद के खात्मे में मीडिया जगत के अमूल्य योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता. पत्रकारों के हित में एक बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब के लिए 1 करोड़ रुपए की मांग को तत्काल स्वीकृति दे दी. उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेशभर से पत्रकारों द्वारा की जा रही विभिन्न मांगों को लगातार पूरा कर रही है.

पत्रकारिता का मूल धर्म समाज और राष्ट्र को सही दिशा देना : मंत्री ओपी चौधरी

पत्रकारिता का मूल धर्म समाज और राष्ट्र को सही दिशा प्रदान करनाकार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की यात्रा अत्यंत गौरवशाली रही है. उन्होंने कहा कि 1826 में जब उदंत मार्तंड की शुरुआत हुई, तब देश अंग्रेजी शासन के कठिन दौर से गुजर रहा था. ऐसे समय में पत्रकारिता ने अंधकार को सामने लाने के साथ समाज को उजाले की दिशा दिखाने का कार्य किया. उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल धर्म समाज और राष्ट्र को सही दिशा प्रदान करना है.

पत्रकारिता ने राष्ट्रधर्म और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा : डॉ. के.जी. सुरेश

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार और इंडिया हैबिटेट सेंटर के डायरेक्टर डॉ. के.जी. सुरेश ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत तक पत्रकारिता ने राष्ट्रधर्म और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है. उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने समय के साथ बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को विकसित किया है, किंतु सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और नागरिक पत्रकारिता की अवधारणा ने कई नई चुनौतियां भी उत्पन्न की हैं. उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को शोधपरक, तथ्यात्मक और साक्ष्य आधारित बनाए रखना समय की आवश्यकता है, ताकि पत्रकारिता की विश्वसनीयता और सामाजिक भूमिका और मजबूत हो सके.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *